Doordarshan24 News

Latest Online Breaking News

पंचायत चुनाव को लेकर गौंती में हुआ खून खराबा, एक पक्ष के कई घायल..*

 

 

 

 

 

 

फतेहपुर,

 

अक्सर बड़ी घटनाओं के लिए चर्चित मोहम्मदपुर गौती गांव एक बार फिर भयानक बारूद के ढेर पर खड़ा है।

 

बीती रात दबंगों ने प्रधानी का चुनाव प्रचार कर लौट रहे अपने विरोधियों के घर पर हमला करते हुए जमकर पत्थर बरसाएं। अचानक हुए इस हमले में कई लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। जिनका एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।

 

उधर इस घटना के बाबत सम्बंधित सुल्तानपुर घोष थाना पुलिस ने पीड़ित पक्ष के ही दर्जन भर के करीब लोगो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया है। जबकि दो बार तहरीर लेने के बावजूद हमलावर दबंगों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गई है।

बताते चलें कि पंचायत चुनाव के दृष्टिगत यह ग्राम सभा दशकों से अति संवेदनशील रही है। पुलिस ने समय रहते अपना नजरिया न बदला तो एक बार फिर कत्ल-ए-आम की पटकथा लिखी जा सकती है।

 

उल्लेखनीय है कि पंचायती चुनाव और उसके परिणामों को लेकर मोहम्मदपुर गौंती ग्राम सभा हमेशा से हाट स्पाट रहा है। यहां के दो परस्पर विरोधी खेमें प्रायः बड़ी घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं।

 

पुरानी घटनाओं का आधार लिया जाए तो पाच दर्जन से अधिक हत्याओं का गवाह यह ग्राम सभा रहीं हैं। यहां पर सामूहिक नर संहार भी सूबे की सत्ता को हिलाते रहें हैं।

 

खबर है कि हाट स्पाट मोहम्मदपुर गौती में इस बार प्रधानी का चुनाव दो सगे भाई सगीर सिद्दीकी और कफील सिद्दीकी लड़ रहे हैं। सगीर की पत्नी यहां की निवर्तमान प्रधान हैं। जानकार सूत्रों के अनुसार इस बार गांव में सियासत की हवा का रूझान कुछ कफील की तरफ होने का अहसास सत्ता के गलियारे से जुड़े सगीर को हुआ तो उनके गुर्गों ने कई बार छोटे भाई से मैदान से हट जानें का दबाव बनवाया।

 

कहते हैं कि इसके लिए पुलिसिया सिस्टम भी प्रयोग में लाया गया किंतु जब बात नहीं बनी तो बीती रात चुनाव प्रचार से लौटे कफील सिद्दीकी व उनके समर्थकों पर उनके घर के निकट पथराव किया गया।

 

आरोप यह भी है कि मारपीट भी की गई और गोलियां भी चली। क्योंकि अचानक हुए इस हमले का कफील आदि को जरा भी आभास नहीं था, इसलिए उनकी कोई तैयारी भी नहीं थी। नतीजतन दर्जन भर के करीब लोगों के गंभीर चोटे आई हैं। जिनको आनन फानन में स्थानीय एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उनका उपचार चल रहा है।

 

इस घटना में कफील भी घायल हुआ है। उधर सुलतानपुर घोष थाना पुलिस फिलहाल इस घटना को हल्के में लेकर सिर्फ एक चश्में से देखने की गलती कर रही है। दो बार पीड़ित पक्ष की तहरीर लेने के बावजूद अब तक उनका मुकदमा नहीं लिखा गया है,।

 

जबकि सत्ता के गलियारे से जुड़े दूसरे पक्ष की तहरीर पर पीड़ित पक्ष के दर्जन भर से अधिक लोगों पर मुकदमा दर्ज कर देने की खबर है। यहां पर गौरतलब है कि जब घोष थाना पुलिस ने मोहम्मदपुर गौती गांव को हल्के में लिया तब तब कोई न कोई बड़ी घटना से प्रशासन को जूझना पड़ा है।

 

दलित महिला प्रधान समेत उसके पूरे परिवार को दिन दहाड़े मौत के घाट उतार देने की घटना आज भी बड़े नरसंहार के रुप में देखी जाती है, जिससे सूबे की सत्ता की चूल्हे तक हिल गई थीं।

 

*इस सन्दर्भ में सुल्तानपुर घोष थानाध्यक्ष का कहना है कि एक पक्ष ने तहरीर दी थीं उसका मुकदमा दर्ज हो गया और दूसरे पक्ष ने कोई तहरीर ही नहीं दी है। बकौल पुलिस घायलों की तरफ से कोई पुलिस के पास नहीं आया और न मौके पर मिला।*

 

सलीम हाशमी की रिपोर्ट दूरदर्शन 24 न्यूज रिपोर्टर

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें 

Please Share This News By Pressing Whatsapp Button 

लाइव कैलेंडर

October 2021
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
error: Content is protected !!