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कानपुर महानगर से लगभग 45 किलोमीटर दूर घाटमपुर तहसील अंतर्गत परास गांव में फैला सन्नाटा ।

 

 

कानपुर-13 मई।

 

 

 

परास गांव घाटमपुर ब्लॉक की सबसे बड़ी पंचायत है जहां मतदान से चार-पांच दिन पहले से ही कोरोनावायरस पैर पसार रहा था।

मतदान के चार दिन पहले से हीं हालात बिगड़ते जा रहे थे। परिवार के परिवार सर्दी जुखाम, बुखार की चपेट में आ गए थे । लेकिन प्रशासन मतगणना की व्यवस्था में मशगूल था।

 

मतगणना के बाद हालात बिगड़ते चले गए। गांव वाले बताते हैं अब तक 50से अधिक लोग मौत के मुंह में जा चुके हैं।

परिवार के परिवार मौत के मुंह में समा रहे हैं।

गांव वाले इन मौतों की वजह कोरोनावायरस बता रहे हैं।

गांव के हालात ये हैं यहां बुखार की मामूली टेबलेट पैरासीटामोल भी उपलब्ध नहीं है।

ऐसे में गांव के झोलाछाप डॉक्टर अपने हिसाब से मरीजों का इलाज कर रहे हैं ।

 

यहां ना एंबुलेंस का इंतजाम है और न कोई साधन हालांकि सरकार ने टेस्टिंग शुरू करा दी है पर रफ्तार बहुत धीमी है। 35 हजार घरों तक पहुंची जांच टीम ने लोगों की जांच की है।

 

कानपुर मुख्यालय से 20 किलोमीटर हमीरपुर रोड पर विधनु के जामो गांव में पिछले 1 महीने में लगभग 35 से 40 लोग बीमारी से जान गवा चुके हैं।

गांवों में कोई साधन है ना डॉक्टर।

परास गांव में एक स्वास्थ्य उपकेंद्र है। सीएचसी प्रभारी ने बताया यहां एक एएनएम सुधा वर्मा की तैनाती है । वहीं लोगों का कहना है कि पिछले कई माह से स्वास्थ्य केन्द्र में ताला लगा है।

 

छोटे अस्पताल में किसी को देखा तक नहीं जा रहा है गांव वाले चंदे से गांव में सेंनेटाईजेशन करा रहे हैं।

परास गांव में बुखार के डर से लोग अपना घर बार छोड़कर रिश्तेदारों में चले गए हैं जिनका कोई ठिकाना नहीं है वही गांव में भगवान भरोसे रह रहे हैं।

 

एम०आई०हाशमी

इंडिया हेड

दूरदर्शन 24 न्यूज

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